शनिवार, 12 अप्रैल 2014

पुलिस का नया प्रयोग - सशक्तीकरण सभा



पुलिस का नया प्रयोग - सशक्तीकरण सभा :
आज इस सभा का आयोजन अब पुलिस का एक आन्दोलन बन चुका है....... दरभंगा प्रक्षेत्र के दस जिलों में सभी महिला थानाध्यक्षों द्वारा महाविद्यालयों में जाकर यह सभा आयोजित की जा रही है जिसमें '' छात्राओं को आत्म-सुरक्षा के प्रति स्व-संवेदनशील '' बनाने के लिए संवाद किया जाता है...... आई जी,कमजोर वर्ग के रूप में मैंने महिला थानाध्यक्षों के नेतृत्त्व में यह सभा बिहार के सभी जिलों में महिला महाविद्यालयों - कन्या विद्यालयों में आयोजित किये जाने का निर्देश दिया था .........................जो अब दरभंगा प्रक्षेत्र में एक आन्दोलन बन चुका है............
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..............छात्राओं का आत्म-विश्वास बढ़ रहा है और उनमें एक सशक्त महिला बनाने के बीज का अंकुरण देखा जा रहा है ...



रविवार, 2 मार्च 2014

पुलिस वर्दी पर हिन्दी+उर्दू में नाम-पट्टिका अनिवार्य की गयी




रांची में वर्ष 1990 से प्रशिक्षु ए एस पी के समय से ही मैंने वर्दी पर नाम-पट्टिका -- हिन्दी अर्थात देवनागरी और उर्दू अर्थात अरबी लिपि में ही बनाकर धारण किया और आज भी वही नामपट्टिका मेरी वर्दी का अंग है....
.... और मैंने अपने अधीनस्थों को ऐसा करने का निर्देश दिया और उसे क्रियान्वित किया....
कारण - बस इतना कि राजभाषा अधिनियम का पालन हो...
.............. बिहार में हिन्दी और उर्दू राज भाषाएँ हैं..... 
........... अतः सारे प्रशासनिक कार्य और नाम-पट्टिकाएं इन्हीं दोनों भाषाओं में होनी चाहिए....
......... दरभंगा प्रक्षेत्र के दस जिलों में सभी पुलिस कर्मी और अधिकारी ऐसी नाम-पट्टिकाएं बना बना कर धारण कर रहे हैं.....
............ उर्दू में नाम-पट्टिका बनाने वाले लोगो की संख्या अत्यल्प होने के कारण अभी गति धीमी है किन्तु हम जल्दी ही शत-प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त कर लेगें...



गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

Anti Litigation Movement in Darbhanga Zone, Bihar

आज महाशिवरात्रि  है.... सदाशिव और जगन्माता पार्वती के सनातन परिणय का दिवस.....
शिव की आराधना का प्रारम्भ-पर्व..... 
शिव की आराधना का अर्थ क्या है ???  अर्थ है - शिवत्व अर्थात कल्याण के निकट रहना ,, अर्थात कल्याण-मय हो जाना.... अर्थात कल्याण का वितरण करना ..... अर्थात कल्याण करने में सदा तत्पर होना............ आज के परिवेश में कल्याण में तत्पर होने का अर्थ है -- दो विरोध-ग्रस्त लोगों के बीच शान्ति की स्थापना करना......... उन्हें शान्ति-पूर्ण सह अस्तित्व के साथ सह-जीवन-यापन के लिए प्रेरित और तैयार करना......... यह कार्य मुकदमा विरोधी अभियान चलाकर किया जा सकता है... दरभंगा प्रक्षेत्र के दस जिलों में परामर्श-सभा के माध्यम से यह कल्याण-कार्यक्रम सफ़लता-पूर्वक चलाया जा रहा है....

अरविंद पाण्डेय
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नीचे प्रस्तुत पर्णिका का वितरण प्रारम्भ किया जा रहा है जिससे आम लोगों तक यह बात पहुचें कि मुकदमेबाजी से दोनों पक्षों को हानि  होती है.....


बुधवार, 26 फ़रवरी 2014

लोग मुकदमेबाजी से बचना चाहते हैं ...



..... बिहार के मधेपुरा जिले में रतवारा थानाध्यक्ष द्वारा सफल परामर्श सभा का आयोजन कराते हुए दो पक्षों के बीच समझौता कराया गया जिसमें दोनों पक्षों के बीच वर्षों से चला आ रहा ज़मीन-विवाद समाप्त हो गया और दोनों ने '' केस मुकदमा नहीं करेगें, भाई भाई साथ रहेगें '' का नारा लगाया...................


..................आम लोगों को मुकदमेबाजी से बचाने के लिए दरभंगा प्रक्षेत्र के सभी जिलो में परामर्श सभा का आयोजन कर वर्षों से लंबित भूमि विवाद का निपटारा किया जा रहा है और साथ ही आम जनता को इससे होने वाले हानी और लाभ के बारे में भी बताया जा रहा है। यह समाचार कतरन बता रही है कि आम जनता जागरूक हो रही है..............






-- अरविन्द पाण्डेय

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2014

'केस मुकदमा नहीं करेंगें , भाई भाई साथ रहेंगें


जो कहना , वही करना ..




इस समाचार को देखिएगा और जहां भी गैर-ज़रूरी मुकदमें में उलझ कर तड़पते हुए लोग दिखाई पड़ें उन्हें परामर्श देना है ---------

''केस मुकदमा नहीं करेंगें , भाई भाई साथ रहेंगें ..''

रविवार, 16 फ़रवरी 2014

...... जो लेगा वो जाएगा ---

दरभंगा प्रक्षेत्र का एक ज़िला मधुबनी - मधुबनी का एक थाना खुटौना - खुटौना के थानाध्यक्ष को बिहार के निगरानी विभाग के पुलिस -दल ने एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया .....
...... जो लेगा वो जाएगा --------- अगर शिकायत-कर्ता हमारे पास आयेगा.........
................... नीचे की समाचार-कतरन देखें......


रविवार, 20 अक्टूबर 2013

पाक्सो में देश का पहला दंडादेश : अपराधी को मृत्युदंड : Aravind Pandey

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012
अर्थात
पाक्सो में देश का पहला दंडादेश :
अपराधी को मृत्युदंड 


      19 अक्टूबर २०१३ को जमुई जिला के सत्र न्यायालय ने चंद्रमंडी थाना काण्ड संख्या 70/2013 दिनांक २४ अगस्त २०१३ धारा ३७६/३०२ भारतीय दंड संहिता में अभियुक्त हेमलाल साह को मृत्युदंड की सज़ा सुनाई है.

       इस दंडादेश के बाद बिहार राज्य पाक्सो अर्थात लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम २०१२ के अपराध में त्वरित अन्वेषण और विचारण कराकर अपराधी को फांसी के तख्ते पर पहुचाने देने वाला पहला राज्य बन गया है और इस सज़ा के बाद बाल अधिकारों के संरक्षण के मामले में भी बिहार अग्रणी राज्य माना जाएगा .
       ज्ञातव्य है कि इस मामले का अनुश्रवण राज्य विशेष किशोर पुलिस इकाई द्वारा किया गया और आई जी कमजोर वर्ग अरविंद पाण्डेय द्वारा दिनांक २७ अगस्त २०१२ को ज्ञापांक ४२५/ एस जे पी यू के तथा दूरभाष के माध्यम से दिए गए आदेश के आलोक में और इकाई के प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार द्वारा अनुसंधानकर्ता से दूरभाष पर वार्ता के बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम २०१२ की धारा ४ सहित अन्य धाराएं भी जोड़ने के लिए अनुसंधानकर्ता द्वारा न्यायालय में उसी दिन शुद्धिपत्र का आवेदन दिया गया था जिससे न्यायालय द्वारा पीड़ित के परिवार को पाक्सो नियमावली २०१२ के नियम 7 के अंतर्गत प्रतिकर भी दिया जा सके. 
    
       उल्लेखनीय है कि दिनांक २४ अगस्त २०१३ को बलात्संग और ह्त्या की शिकार अल्पवयस्क बालिका के पिता द्वारा चंद्रमंडी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी जिसके आधार पर चंद्रमंडी थाना काण्ड संख्या 70/2013 दिनांक २४ अगस्त २०१३ धारा ३७६/३०२ भारतीय दंड संहिता दर्ज किया गया था.
       दिनांक २७ अगस्त को आई जी कमजोर वर्ग अरविंद पाण्डेय द्वारा अनुसंधानकर्ता को दूरभाष पर पाक्सो की सुसंगत धाराएं जोड़ने की कार्रवाई का आदेश दिया गया और पुलिस अधीक्षक को भी लिखित निर्देश भेजा गया.
       परिणामस्वरूप पाक्सो की धारा 4, 6, 8, एवं 10 भी इस मामले में जोड़ी गयी. पुलिस ने इस काण्ड में दिनांक ३० अगस्त २०१३ को मात्र छः दिनों में अभियुक्त के विरुद्ध आरोपपत्र समर्पित किया और न्यायालय द्वारा त्वरित विचारण करते हुए दिनांक 19 अक्टूबर २०१३ को अभियुक्त को मृत्युदंड दिया गया.
       पाक्सो अधिनियम के बारे में यह जान लेना ज़रूरी है कि इसकी धारा 23 (2) द्वारा यह विधान किया गया है मीडिया द्वारा किसी भी स्थित में पीड़ित किशोर या किशोरी की पहचान प्रकट करने वाला कोई समाचार जैसे पीड़ित का नाम, उसके परिवार के किसी सदस्य का कोई परिचय, पता , विद्यालय का नाम आदि किसी भी स्थिति में प्रकाशित नहीं किये जाने का विधान है.
       पुलिस महानिदेशक श्री अभयानंद ने इस काण्ड के अन्वेषक जमुई जिला बल के अवर निरीक्षक अमित कुमार को 10000=00 रुपये के नकद पुरस्कार से तथा प्रशस्ति पत्र से तथा न्यायालय में इस काण्ड की पैरवी करने वाले लोक अभियोजक को भी पुरस्कृत करने की घोषणा की है .

Aravind Pandey 

पुलिस पर कभी भी किसी का भी दबाव काम नहीं कर सकता बशर्ते ..

अपराधों की जांच की निष्पक्षता और वैज्ञानिकता बनाए रखना आईपीएस अधिकारियों का मूल कर्तव्य है....ऐसी जांचों में किसी भी राजनीतिक व्यवसायी का हस...